इलेक्ट्रिक वाहन से पहले समझे बैटरी स्वैपिंग के फायदे, वरना हो सकता हैं नुकसान

battery swapping
battery swapping

Battery Swapping Station: पेट्रोल एवं डीजल के बढ़ते दामों के चलते लोगों का रूख इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ मुड़ता जा रहा है भारत में आजकल इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड काफी बढ़ती जा रही है और वहीं पर कुछ कंपनियां इस फील्ड में बहुत ही तेजी के साथ काम कर रही हैं जिससे वह भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा बना सके सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को गति देने के लिए राष्ट्रव्यापी Battery Swapping Policy पर काम कर रही है सरकार द्वारा Battery Swapping Infrastructure तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इस काम को अंतिम मोड़ दे दिया जाएगा।

इलेक्ट्रिक वाहन की उन्नति में Battery Swapping Policy का प्रमुख योगदान माना जा रहा है और आने वाले समय में भी इसका बहुत ज्यादा महत्त्व रहने वाला है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को Battery Swapping की जानकारी जरूर होनी चाहिए इसलिए यहां पर बैटरी स्वैपिंग के संबंधित पूर्ण जानकारी दी गई है जिसे पढ़कर आप इस संबंध में पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

What Is Battery Swapping?

Battery swapping station
battery swapping

EV Battery Swapping का अर्थ यह है कि वाहनों में लगी बैटरी को निकाल कर चार्जिंग स्टेशन में चार्ज की गई बैटरी से बदल दिया जाता है। बैटरी स्वैपिंग का इस्तेमाल केवल छोटे वाहनों के लिए हो सकता है जैसे दोपहिया और तीपहिया। बड़े वाहनों में बैटरी स्वैपिंग इसलिए नहीं की जा सकती क्योंकि बड़े वाहनों में बैटरी बहुत ही मुश्किल से निकलती है और इतनी बड़ी बैटरी को बार-बार निकालना और बदलना अव्यवस्था पूर्ण हो सकता है इसलिए बैटरी स्वैपिंग सिर्फ छोटे वाहनों में की जा सकती है।

ये भी पढ़े -   Hydrogen Fuel Cell Bus 2022: भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल बस,जानें खूबियां

बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी के पीछे सरकार का मकसद

Battery swapping india
battery swapping india

बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी को लेकर सरकार का मकसद सिर्फ यह है कि वह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे सके और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन में आ रही समस्याएं जैसे उन्हें चार्ज करना को दूर किया जा सके अगर किसी जगह चार्जिंग स्टेशन लगाया जाएगा तो उसमें काफी जगह घिर सकती है लेकिन बैटरी स्वैपिंग की स्थापना करना आसान है और साथ में यह जगह भी कम लेता है।

एक ही तरह का होगा बैटरी का साइज

Battery swapping station
battery swapping station

बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी के अनुसार कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है जैसे 1 kWh की क्षमता के साथ 10 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए ऐसा इसलिए किया जा रहा है जिससे किसी भी व्यक्ति के लिए इन बैटरीओ को बदलना आसान हो सके और ही साथ में डिलीवरी करने वाले व्यक्तियों की भी चिंता दूर हो सके और वहीं पर इन सभी बैटरी का आकार बेलनाकार होगा जिससे इन्हें पकड़ने एवं बदलने में आसानी होगी।

इस आर्टिकल के माध्यम से यह बताया गया है की बैटरी स्वैपिंग कैसे की जा सकती है एवं इसके फायदे क्या है। उम्मीद है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको यह आर्टिकल पसंद है तो आप अन्य आर्टिकल पढ़ सकते।

Advertisement