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गोरखपुर की मुस्लिम बेटी ऐमन जमाल बनी IPS, छोड़ा था अधिकारी का पद, मुस्लिम लड़कियों के लिए बनी प्रेरणा

आज के समय में सभी को अपने जीवन को जीने का अधिकार है, उसे जो करना है, कुछ भी बनना है, ये सब हो सकता है। पर मुस्लिम समाज की सोच में अभी बदलाव लाना बाकी है। बस उनका काम है पैदा करके बड़ा करना और बाद में उनका विवाह कर देना।

गोरखपुर की मुस्लिम बेटी ऐमन जमाल बनी ips, छोड़ा था अधिकारी का पद, मुस्लिम लड़कियों के लिए बनी प्रेरणा
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मुस्लिम समाज की सोच को बदला एक लड़की ने, जिसने IPS बनने का सपना देखा और उस पर कड़ी मेहनत करते हुए अधिकारी पद को भी छोड़ दिया। आज वो अपने समाज की प्रतिष्ठा बन चुकी है और उन सब लड़कियों के लिए आदर्श है जो कुछ करना चाहती है पर कर नहीं पाती। आज वो IPS है जिनकी तारीफ़ योगी आदित्य नाथ जी ने भी की है।

गोरखपुर की मुस्लिम बेटी ऐमन जमाल बनी ips, छोड़ा था अधिकारी का पद, मुस्लिम लड़कियों के लिए बनी प्रेरणा
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath meet the BJP President Amit Shah in the capital on Tuesday——————-The Statesman—————–Amarjeet Singh—————-21-03-17

गोरखपुर की रहने वाली मुस्लिम समाज की एक लड़की ने अपनी मेहनत से वो मुकाम हासिल किया है जहां तक पहुंचना आज हर एक लड़की का सपना होता है। ये है ऐमन जमाल, जिन्होंने हाईस्कूल में 63 प्रतिशत नंबर पाए थे, लेकिन आज वे प्रतिष्ठित भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुई हैं। इससे पहले इनका चयन बिहार लोक सेवा आयोग में राजस्व अधिकारी के रूप में हुआ था लेकिन उन्होने यहां नियुक्ति नहीं ली।

साल 2019 में संघ लोक सेवा आयोग में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा दी थी और 499 रैंक के साथ इनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐमन जमाल का भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन होने पर बधाई दी और तारीफ में कहा कि मुस्लिम बेटियों के लिए एमन जमाल एक रोल मॉडल बनकर सामने आई है।

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ऐमन जमाल ने प्राथमिक से 12वीं तक की पढ़ाई कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज से की और साल 2004 में 63 प्रतिशत अंकों से हाईस्कूल पास किया। साल 2006 में 69 प्रतिशत अंकों से 12वीं पास किया और सेंट एंड्रयूज कॉलेज से जंतु विज्ञान से साल 2010 में स्नातक की पढ़ाई की। साल 2016 में अन्नामलाई विश्वविद्याय से दूरस्थ माध्यम से मानव संसाधन में डिप्लोमा भी किया और प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए दिल्ली स्थित रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी जामिया हमदर्द में भर्ती हुईं।

2017 में केंद्रीय श्रम विभाग में इनका चयन हुआ और साल 2018 में वे ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री शाहजहांपुर में सहायक श्रमायुक्त के पद पर नियुक्त की गईं। कारोबारी हसन जमाल और प्राइमरी स्कूल में टीचर अफरोज बानों की बेटी ऐमन जमाल ने बताया कि आईपीएस पद में चयन के पहले वे केंद्रीय श्रम विभाग में सहायक श्रमायुक्त पद पर थीं।

साल 2017 से ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री में सहायक श्रमायुक्त पद पर भी काम किया और इसी दौरान इन्होने भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी भी की। साल 2019 में प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद इन्होने सामाजिक विज्ञान में एहम परीक्षा दी। साक्षात्कार के बाद इन्होंने 499वीं रैंक हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में इनका चयन हो गया।

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