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ब्रिटेन एवं यूरोप के बाद अब अमेरिका में भी मिला मंकीपॉक्स वायरस

ब्रिटेन एवं यूरोप के बाद अब अमेरिका में भी मिला मंकीपॉक्स वायरस
Monkey Pox Virus

नमस्कार दोस्तों जैसा कि आप जानते ही हैं कि हाल ही के दिनों में ब्रिटेन में मंकीपॉक्स वायरस के कुछ मामले सामने आए थे जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने इसके लिए वार्निंग जारी करके सावधान किया था। संयुक्त राज्य अमेरिका ने गुरुवार को मैसाचुसेट्स युनिवर्सिटी के एक व्यक्ति में मंकीपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया ।

मंकीपॉक्स वायरस एक दुर्लभ वायरस है जिसका फिलहाल कोई इलाज नहीं है यह जानवरों से मनुष्य में फैलता है मंकीपॉक्स वायरस की खोज सर्वप्रथम 1958 में हुई थी।

लक्षण क्या हैं? Monkeypox Virus Symptoms

मंकीपॉक्स के लक्षण (Symptoms) चेचक के लक्षणों के समान ही होते हैं लेकिन ये आमतौर पर हल्के होते हैं। मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं

थकान, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, सिर दर्द एवं सूजी हुई लसिका ग्रंथियां इत्यादि लक्षण है

यह कैसे फैलता है

संक्रमित रोगी के निकट संपर्क से यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। जय भारत आंख कान नाक व मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है गंदे बिस्तर एवं जानवरों के रेशे इत्यादि के संपर्क में आने से यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है ज्यादातर मामलों में यह वायरस जानवरों के संपर्क में आने से ही फैलता है।

मंकीपॉक्स वायरस का इलाज क्या है

प्राप्त जानकारी के अनुसार फिलहाल इसका कोई इलाज नहीं है लेकिन चेचक का टीका मंकीपॉक्स वायरस की रोकथाम के लिए 85% तक प्रभावी साबित हुआ है।

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