Ganesh Chaturthi: गणेश चतुर्थी पर ऐसे करें मूर्ति स्‍थापना, गणेश पूजा की सरल विधि

Ganesh murti sthapana vidhi

Ganesh Chaturth murti sthapana: आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी की विधि एवं स्थापना के तरीके उसे पहले आपको यह बता दें की गणेश चतुर्थी कल यानी 31 अगस्त को मनाई जाएगी अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार। भादो मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी को गणेश चतुर्थी स्थापना दिवस माना जा रहा है।

Ganesh chaturthi
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बुधवार के दिन गणपति बप्पा के मूर्ति को स्थापित किया जाएगा आपको गणेश स्थापना के वक्त किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए और कैसे करना चाहिए गणेश जी की स्थापना। इस आर्टिकल में बताया गया है। यहां पर आपको सरल विधि बताई गई है जिसकी मदद से आप गणपति बप्पा की स्थापना एवं पूजा बहुत ही आसानी से कर पाएंगे।

स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त:

Ganesh murti sthapana vidhi
Ganesh murti sthapana vidhi

आपको बता दें गणपति बप्पा की स्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त पर ही करनी चाहिए और इस बार का शुभ मुहूर्त 11:04:43 से दोपहर 13:37:56 के बीच बन रहा है वहीं पर अगर आप शाम के समय गणेश जी की मूर्ति की स्थापना करना चाहते हैं तो 05:42 से 07:20 बजे का समय बहुत ही शुभ माना जा रहा है। इस शुभ मुहूर्त पर गणेश जी की स्थापना करने से आप के सभी कार्य सफल होंगे।

Ganesh Murti Sthapana Vidhi:

गणेश जी की पूजा विधि पूर्वक कैसे करें यह नीचे दिया जा रहा है गणेश जी की पूजा विधि पूर्वक संपन्न करने के लिए नीचे दिए गए sthapana vidhi of Ganesh murti विधि को ध्यानपूर्वक पढ़कर अच्छे से पालन करें।

  • सबसे पहले आपको गणेश जी की मूर्ति लाने से पहले अपने घर एवं प्रवेश द्वार को अच्छे से सजाएं एवं पूजा की सभी तैयारी पहले से ही कर के रख ले।
  • गणेश जी के गृह प्रवेश करते वक्त विधिवत रूप से जय कारे लगाएं उसके बाद गणपति को घर में प्रवेश करें और साथ में मंगल गीत गाए एवं आरती उतारते रहे।
  • गणेश मूर्ति की स्थापना के दौरान पूर्व उत्तर या ईशान कोण को अच्छे से साफ करें और कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं उसके बाद हल्दी से 4 बिंदी बनाएं उसके बाद ही गणेश जी की स्थापना करें।
  • उसके बाद एक मुट्ठी अक्षत रख ले फिर एक पाट लेकर उसमें लाल या केसरिया या फिर पीला रंग का वस्त्र बिछा दें।
  • पाट रखने के बाद आपको उसके सामने रंगोली बनानी है। एक तांबे का कलश लें और उसमें पानी भर कर रख दें और कलश के ऊपर एक पत्ता भी रख ले फिर उस पत्ते के ऊपर एक नारियल रखें फिर इसके बाद कलश को मौली से बांधे।
  • वातावरण को सुगंधित करने के लिए धूप, दीप, अगरबत्ती, जलाएं फिर आरती की थाली में पुस्तक प्रसाद आदि रखें।
  • ॐ पुण्डरीकाक्ष पुनातु, ॐ पुण्डरीकाक्ष पुनातु, ॐ पुण्डरीकाक्ष पुनातु, यह मंत्र मूर्ति स्थापना के पूर्व बोला जाना चाहिए।
  • जब गणेश जी की मूर्ति स्थापित हो रही हो तब यह मंत्र बोला जाना चाहिए, गजाननं भूतगणादिसेवितम कपित्थजम्बू फल चारू भक्षणं। उमासुतम शोक विनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम।। आगच्छ भगवन्देव स्थाने चात्र स्थिरो भव।
  • इसके बाद परिवार के सभी सदस्य इकट्ठा होकर गणेश जी को पाट में विराजित करें और साथ में ॐ गंगणपते नम: मंत्र का उच्चारण करें और इसके बाद गणपति बब्बा मोरिया का एक साथ उच्चारण करें।
  • अब आपको गणेश जी की विधिवत पूजा करनी है और फिर उसके बाद आरती करना है फिर साथ में सभी लोगों को प्रसाद बांटना है।
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Ganesh Chaturthi Puja Vidhi In Hindi

Ganesh sthapana muhurat 2022
ganesh sthapana muhurat 2022

गणेश जी की पूजा अर्चना करने से पहले आपको इन सभी सामग्रियों को इकट्ठा करके रख लेना चाहिए। जैसे मिठाई, लड्डू, धूप, दीप, अगरबत्ती, दीपक, चौकी या आसन, कलश, नारियल, आम के पत्ते, केले के पत्ते, दूर्वा, जनेऊ, सिन्दूर, अबीर, गुलाल, सुगंधित (इत्र), ऋतुफल, लौंग-इलायची, सुपारी,माला, फूल, अक्षत, पंचामृत, कंकू, हल्दी,आदि। ganesh chaturthi puja vidhi नीचे दी जा रही है।

  • गणपति बप्पा को आसन में स्थापित करने के बाद पंचोपचार या षोडोषपचार पूजन को प्रारंभ करना चाहिए।
  • सबसे पहले एक मुट्ठी चावल के ऊपर जलभरा कलश रखें फिर उसके ऊपर नारियल रखे और नारियल के नीचे आम का पत्ता रखे फिर उसके बाद इस कलश की पूजा करें।
  • वहीं पर आपको केले के पत्तों को लेकर पूजा स्थल पर सजाना चाहिए।
  • फिर धूप को जलाकर गणेश जी को माला पहनाई जाती है।
  • माला के बाद तिलक लगाकर गणेश जी को फूल अर्पित करें फिर एक-एक करके सभी पूजा की सामग्री गणेश जी को अर्पित करें।
  • यह सब करने के बाद गणेश जी को उनका मनपसंद भोग लगाएं और नैवेद्य लगाइए।
  • अब गणेश जी की आरती करे।
  • आरती संपन्न होने के बाद आपको सभी लोगों को प्रसाद वितरण करना चाहिए।
  • आखिरी चरण में आपको चतुर्थी की कथा सुननी है और अगर आपने व्रत रखा है तो फलाहार करना है इसी के साथ यह गणेश जी की पूजा संपन्न हुई।

ऊपर बताई गई विधि का पालन करके आप गणेश जी का विधिपूर्वक पूजन संपन्न कर सकते हैं।

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