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Chanakya Niti: ये हरकत करने वाले पुरुष जल्दी हो जाते हैं बूढ़े, न करें ये तो रहेंगे जवान

Chanakya Niti: चाणक्य का नीति शास्त्र एक ऐसा शास्त्र है जिसे मनुष्य को अपने जीवन में एक बार जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि जब आप चाणक्य द्वारा लिखित शास्त्र नीतिशास्त्र को जब एक बार पढ़ते हैं तो यह आपके जीवन में उतर जाता है एवं आपके जीवन को नई राह देता है जिसके चलते आपका जीवन सफलता की ऊंचाइयों को छूने लगता है।

Chanakya niti
Chanakya Niti

वही Chanakya द्वारा लिखित नीति शास्त्र के चौथे अध्याय में कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातें लिखी हुई हैं जो एक बार सभी मनुष्य को जरूर पढ़नी ही चाहिए। यहां पर श्लोक में चाणक वृद्धावस्था के बारे में बताते हैं कि वृद्धावस्था क्यों इतना जल्दी आ जाता है और वृद्धावस्था आने की वजह इंसान खुद अपने लिए निर्मित करता है आता है अपने इस अध्याय में Chanakya Niti ने यह बताएं हैं कि स्त्री एवं पुरुष किस प्रकार से अपने शरीर को जवान रख सकते हैं। यदि आप इस विषय में अधिक जानकारी में रुचि रखते हैं तो आप इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ सकते हैं।

Chanakya Niti Adhyay

चाणक्य नीति स्त्री का चरित्र
चाणक्य नीति स्त्री का चरित्र

यदि Chanakya Niti की बात की जाए तो भारत में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जिसने आचार्य चाणक्य का नाम अपने जीवन में एक बार ना सुना हो। आचार्य चाणक देश के सबसे बड़े राजनीतिज्ञ, कूटनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे वहीं उन्होंने ना केवल पुरुषों एवं महिलाओं, छात्रों, नौकरीपेशा एवं दोस्ती से जुड़े कई मुद्दों से जुड़ी बातें बताई हैं यदि कोई भी व्यक्ति चाणक्य द्वारा बताई गई नीतियों का पालन करता है तो बड़ी आसानी से ऊंचाइयों की सीढ़ी चढ़ सकता है एवं अपने जीवन को आनंद पूर्वक व्यतीत कर सकता है।

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आचार्य Chanakya द्वारा मनुष्य के जीवन को आसान एवं सरल बनाने के लिए कई सारी नीतियों के बारे में जिक्र किया है इन नीतियों का पालन करके इंसान का जीवन बेहद सरल शांति पूर्वक एवं सुखी किया जा सकता है। यह बात किसी से छुपी नहीं है कि आचार्य चाणक्य ने साधारण बालक को देश का सम्राट बना दिया था इसी बात से चाणक के व्यक्तित्व एवं मस्तिक का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पहले जानिए चाणक्य नीति के चौथे अध्याय का 17वां श्लोक

चाणक्य नीति: दुश्मन
चाणक्य नीति: दुश्मन

अध्वा जरा मनुष्याणां वाजिनां बंधनं जरा ।
अमैथुनं जरा स्त्रीणां वस्त्राणामातपं जरा ।।

क्या है इस श्लोक का अर्थ

आचार्य चाणक अपने इस श्लोक के माध्यम से कहते हैं कि इंसानों का पैदल ना चलना, बंधा हुए घोड़े, पति के संग प्रणय न करने वाली स्त्री जल्दी बूहे होने लगती है।

चाणक्य के मुताबिक यदि स्त्री या पुरुष जल्दी ज्यादा चलते हैं वो जल्दी बूढ़े होने लगते हैं यदि आपको लंबे समय तक जवान रहना है तो आप को कम से कम चलना चाहिए।

इस लेख में आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई नीतियों के बारे में बताया गया है। यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो आप इस वेबसाइट के अन्य आर्टिकल भी पढ़ सकते। हैं।

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